आँखों की देखभाल केवल व्यायाम तक सीमित नहीं — सही जीवनशैली और पोषण भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
7-8 घंटे प्रतिदिन
8-10 गिलास रोज
UV प्रोटेक्टिव चश्मा पहनें
संतुलित आहार आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, और आँखें भी इससे अछूती नहीं हैं। विटामिन और खनिजों से भरपूर आहार आँखों को स्वस्थ रखने में सहायक भूमिका निभाता है।
गाजर, शकरकंद, पालक में पाया जाता है। रात की दृष्टि में सहायक।
आँवला, संतरा, नींबू में भरपूर। एंटीऑक्सीडेंट के रूप में काम करता है।
बादाम, सूरजमुखी के बीज में पाया जाता है। ऑक्सीडेटिव तनाव से सुरक्षा में सहायक।
अखरोट, अलसी, मछली में। आँखों की नमी बनाए रखने में सहायक।
हरी सब्जियाँ, रंगीन फल और मेवे आपके दैनिक आहार का हिस्सा होने चाहिए।
धूप में निकलते समय UV प्रोटेक्शन वाले धूप के चश्मे का उपयोग करें। तेज धूप आँखों को नुकसान पहुंचा सकती है।
नींद के दौरान आँखें खुद को साफ करती हैं और क्षतिग्रस्त कोशिकाओं की मरम्मत होती है। 7-8 घंटे अनिवार्य।
पानी की कमी से आँखें शुष्क हो सकती हैं। दिनभर में पर्याप्त पानी पीते रहें।
स्क्रीन की चमक को आसपास की रोशनी के अनुसार समायोजित करें। बहुत अधिक या बहुत कम चमक आँखों पर दबाव डालती है।
धूम्रपान आँखों सहित संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इससे बचना हमेशा बेहतर है।
साल में कम से कम एक बार नेत्र चिकित्सक से जांच करवाएं। समय पर जांच कई समस्याओं को रोक सकती है।
डिजिटल उपकरणों के बढ़ते उपयोग के साथ "डिजिटल आई स्ट्रेन" एक आम समस्या बनती जा रही है। इसे समझना और इससे बचाव करना आज की जरूरत है।
शाम और रात में फोन और कंप्यूटर पर "नाइट मोड" या "वार्म टोन" चालू करें। नीली रोशनी कम होने से आँखों पर कम दबाव पड़ता है।
छोटे टेक्स्ट पढ़ने के लिए झुकने की बजाय फॉन्ट साइज बढ़ाएं। यह आँखों पर दबाव कम करता है।
रात को अंधेरे में फोन देखना आँखों के लिए हानिकारक होता है। हमेशा पर्याप्त रोशनी में ही स्क्रीन देखें।
बच्चों के लिए विशेष रूप से स्क्रीन टाइम को सीमित रखें और बाहर खेलने के लिए प्रोत्साहित करें।
"नेत्र विशेषज्ञ से नियमित जांच कराना किसी भी घरेलू उपाय से अधिक महत्वपूर्ण है।"
जीवनशैली के साथ-साथ नियमित व्यायाम भी आँखों की देखभाल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।